Image
Top
Navigation

Poems

मेरे कमरे की वो खिड़की बड़ी सयानी थी

मेरे कमरे की वो खिड़की बड़ी सयानी थी

उसने देखा मेरा बचपन मेरी जवानी थी

यही है वो जिसने था जगाया मुझे हर सुबह सूरज की किरणों के साथ मिलके ये देती थी मुझको गुदगुदा पर्दों से इसको अपना गुस्सा दिखाया मैने … Read More

ए दिल थम जा


जितना मिल जाये कम है, सौ खुशियों के बीच भी तू ढूंडता गम है, दिल तू लालची ही रहेगा, तुझको जो रोक पाये बता वो कौन सा फन है

Read More

Follow your heart

The sound of power erupts

Feared are the sinful and corrupt

Innocence of life stops to take a note

Winds of change accompany the divine soak

May the rains … Read More

क्‍यूं ना छू लूँ नीलगगन को: I believe I can Fly

क्‍यूं ना छू लूँ नीलगगन को

क्यूं ना चंद पे पाओं धरूं

हर मंज़िल को लपक के छूलूँ हर मुश्किल को स्वाहा करूं

मैं तो हूँ उस रब का बंदा क्यूं फिर और कीसी से डरूँ

आकाश है मेरा … Read More

Mom….Till we meet again

That first step in the rain

That eternal quest and the pain

I will settle for nothing but the best

Will not bend down or put my soul to rest

I am born to achieve

And everyday, I face the … Read More